मुझको सीधा करो अगर,तो राजा के संग मैं बैठूं पहेली।
कटे कान तो झटपट लिखूं,बिना कटे सबको काटूं।मुझको सीधा करो अगर,तो राजा के संग मैं बैठूं।बताओ क्या हूँ मैं?
कलम / पेन
कटे कान तो झटपट लिखूं,बिना कटे सबको काटूं।मुझको सीधा करो अगर,तो राजा के संग मैं बैठूं।बताओ क्या हूँ मैं?
कलम / पेन
"एक ऐसी रानी है जो बिना पैरों के पूरे शहर में घूमती है, और अपनी एक छोटी सी चुभन से सबको रोना सिखा देती है।"
सुई
"वह क्या है जिसे आगे से भगवान ने बनाया है और पीछे से इंसान ने बनाया है?"
बैलगाड़ी
तुम बोलो तो मैं भी बोलूँ, तुम चुप हो तो मैं भी चुप। मेरे पास न मुँह है, न जीभ, फिर भी तुम्हारी बात दोहराऊँ।
गूंज
आसमान से बूंदें आएँ, मैं सिर पर छत बन जाऊँ। धूप हो या बारिश की मार, साथ निभाऊँ हर बार। बताओ मैं कौन हूँ?
छाता
एक ऐसी चीज़ है, जिसके अंदर पूरी दुनिया समाई, खोलो तो ज्ञान मिलता है, बंद करो तो चुप हो जाती है। बताओ वह क्या है?
किताब
"दुनिया में ऐसी कौन सी भाषा है, जिसे लोग बोलते भी हैं और खाने में मिठास घोलने के काम भी लाते हैं?"
चीनी (Chinese भाषा / शक्कर)
"पेट में इसके डालो सिक्का, खर्च बचाना इसका काम, जब भर जाए तब फूटेगी, बोलो बच्चों क्या है नाम?"
गुल्लक
ऊपर से गिरा एक बम, उसमें हड्डी न दम। गोरा-चिट्टा उसका रंग, पकाकर खाओ बड़े उमंग।
अंडा
जब मैं पकता हूँ,तो हरा होता हूँ, जब आप मुझे खाते हैं,तो मैं लाल होता हूँ, और जब आप मुझे थूकते हैं,तो मैं काला होता हूँ। मैं क्या हूँ?
उत्तर: तरबूज
मुझे रात में जागना और दिन में सोना पसंद है। मैं क्या हूँ?
उत्तर: उल्लू
मेरे पास शहर हैं,लेकिन घर नहीं। मेरे पास जंगल हैं,लेकिन पेड़ नहीं। मेरे पास पानी है, लेकिन मछलियाँ नहीं। मैं क्या हूँ?
उत्तर: नक्शा
छोटा-सा दाना हूँ, दिखने में चमकीला, मुझको अगर भूनोगे, तो फूल मिलेगा पीला.
उत्तर : मक्का
टोपी है हरी मेरी, लाल है दुशाला | पेट में अजीब लगी, दानों की माला |
उत्तर – मिर्च