31.
Paheliyan
एक लाठी की कहानी - पहेली
बच्चों! एक लाठी की सुनो कहानी, छुपा है जिसमें मीठा – मीठा पानी |
उत्तर – गन्ना
बच्चों! एक लाठी की सुनो कहानी, छुपा है जिसमें मीठा – मीठा पानी |
उत्तर – गन्ना
वह पाले ना भैंस या गाय, फिर भी दूध मलाई खाए, घर बैठे ही करे शिकार, गया शेर भी उससे हार।
उत्तर-बिल्ली
प्रथम कटे तो दर हो जाऊं, अंत कटे तो बंद हो जाऊं, केला मिले तो खाता जाऊं, बताओ मैं हूं कौन?
उत्तर- बंदर
पहले खाता था कोयला, फिर पीता था डीजल, अब सेवन करता बिजली का, जाने कौन होगा कल।
उत्तर - रेल इजंन
आँखें हैं पर अंधी हूँ, पैर हैं पर लंगड़ी हूँ, मुँह है पर मौन हूँ, बताओ मैं कौन हूँ ?
उत्तर - गुड़िया
धीरे से चलकर यह है आती, खिलखिला कर हंसी बनाती, न है नाक पर और न कान, होठों पर उसकी पहचान।
उत्तर - मुस्कान
तीन अक्षरों का मेरा नाम, प्रथम कटे तो चार, कैसे हो तुम मैं जानू, बोलो तुम सोच विचार।
उत्तर - अचार
गोल गोल महल है मेरा, हर कमरे में रस, जो हीं मुंह में डालोगे, हो जाओगे मदमस्त।
उत्तर- जलेबी
लंबा तन और बदन है गोल, मीठे रहते मेरे बोल | तन पे मेरे होते छेद, भाषा का मैं न करूँ भेद |
उत्तर – बाँसुरी
हिमालय में मेरा निवास, फलदार हूं मैं एकदम खास, मेरे नाम में दो अक्षर, पहली बतावे साक्षर।
उत्तर - सेब
ऊपर से गिरा एक बम, उसमें हड्डी न दम। गोरा-चिट्टा उसका रंग, पकाकर खाओ बड़े उमंग।
अंडा
"पेट में इसके डालो सिक्का, खर्च बचाना इसका काम, जब भर जाए तब फूटेगी, बोलो बच्चों क्या है नाम?"
गुल्लक