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Paheliyan
पकता हूँ तो हरा, खाने में लाल - पहेली
जब मैं पकता हूँ,तो हरा होता हूँ, जब आप मुझे खाते हैं,तो मैं लाल होता हूँ, और जब आप मुझे थूकते हैं,तो मैं काला होता हूँ। मैं क्या हूँ?
उत्तर: तरबूज
जब मैं पकता हूँ,तो हरा होता हूँ, जब आप मुझे खाते हैं,तो मैं लाल होता हूँ, और जब आप मुझे थूकते हैं,तो मैं काला होता हूँ। मैं क्या हूँ?
उत्तर: तरबूज
एक राजा की गजब है रानी, दुम के रास्ते वो पीती है पानी! बताओ कौन?
उत्तर- दीपक
सरस्वती की सफेद सवारी, मोती जिसको भाते, करके अलग दूध से पानी, बोलो कौन कहलाते?
उत्तर - हंस
तीन पंख का ऐसा पक्षी, सबके घर में रहता, वर्षा और सर्दी में सोता, बस गर्मी में उड़ता।
उत्तर - पंखा
ऐसी कौन सी चीज है, जिसे आप खरीदते हो तो रंग काला, उपयोग करते हो तो लाल और फेंकते हो तो सफेद होता है?
उत्तर - कोयला
कभी बड़ा हो कभी हो छोटा, माह में एक दिन मारे गोता , बताओ कौन?
उत्तर - चांद
पत्थर पर पत्थर, पत्थर पर पैसा | बिना पानी के घर बनाए, वह कारीगर कैसा?
उत्तर – मकड़ी
पानी से निकला पेड़ एक, पात नहीं पर डाल अनेक, इस पेड़ की ठंडी छाया, बैठ के नीचे उसको पाया बताओ कौन
उत्तर - फव्वारा
एक गुलदस्ता ऐसा देखा, करते नहीं जो भेंट, खाने के काम वो आए, उस में फूल अनेक।
उत्तर – फूलगोभी
कल बनू धड़ के बिन, मल बनू सिर हीन, पैर कटे तो थोड़ा रहूं, अक्षर है कुल तीन।
उत्तर - कमल
मीठा हूं सब करे पसंद, मोटी दीवारों में बंद, मेरा पेड़ बहुत है फलता, लेकिन कभी नहीं है जलता।
उत्तर-केला
कान बड़े हैं काया छोटी, कोमल कोमल बाल, चौकस इतना पकड़ सके ना, बड़ी तेज है चाल।
उत्तर - खरगोश
हरे रंग के दरबार में, इक बैठा है राजा, कांटो में पला है, मगर निराली उसकी आभा।
उत्तर - गुलाब