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Paheliyan
बेशक साधारण वस्त्र हूं - नई पहेली
बेशक साधारण वस्त्र हूं, न हर कोई मुझको पहने, जब मल्ल युद्ध में जाऊं, तो फिर ही मेरे कहने।
उत्तर – लंगोट
बेशक साधारण वस्त्र हूं, न हर कोई मुझको पहने, जब मल्ल युद्ध में जाऊं, तो फिर ही मेरे कहने।
उत्तर – लंगोट
ऐसा कौन है, जिसके दुकानें भी है, कॉलेज भी है , स्टोर भी है, और तो और, उसके स्टूडेंट भी है।
उत्तर – मेडिकल
एक बड़ी रेखा उसके ऊपर एक खड़ी रेखा, एक दोनों के ऊपर नीचे मिली रेखा, बताओ मैं कौन हूँ?
उत्तर – त्रिकोण
गोरा चिट्टा खूब हूं, पर पहनूं नहीं पाजामा। मां का तो भाई नहीं, फिर भी बच्चों का मामा।
उत्तर – चंदामामा
तीन अक्षर का नाम बतलाए, फल इसका मेवा कहलाए, प्रथम कट जाए यह तो धन कहलाता, मध्य कटे तो भक्तों में बोला जाता।
उत्तर – बदाम
एक नार भरे सी काली, उसके घर एकदम खुशहाली, मेहनत करके काम बनाए, खुद से दूना बोझ उठाए।
उत्तर –चींटी
वर्दी पहनकर उठाकर थैला, नियत समय पर वह चल देता, गली गली घर-घर जाकर के, जिसका हो उसको दे आता।
उत्तर – डाकिया
गोल मटोल खाल है मोटी, देह पर फैला कांटा, कच्चा चढ़े कढ़ाई में, पका तो आम सा बांटा।
उत्तर – कटहल
तारों के साथ आता है, और तारों के साथ ही जाता है, जिसकी बुद्धि कमजोर हो, उसे किस नाम से जाना जाता है।
उत्तर – उल्लू
ऐसी कौन सी चीज है, जिसे पति ले तो पत्नी परेशान और पत्नी ले तो पति परेशान?
उत्तर – खर्राटे
ऐसी कौन सी चीज है, जिसे हम बंद तो कर सकते हैं लेकिन खोल नहीं सकते?
उत्तर – अलार्म
साढ़े तीन अक्षर में नाम आता, रोज कहूं मैं मिटता जाता, शिव जी का प्रिय कहलाता, फल का मणिया बनाया जाता।
उत्तर –रुद्राक्ष
प्रथम कटे मर जाऊं, पानी सदा पेट में लाऊं, अंत कटे में गिला करूं, बर्तनों में मिला करूं।
उत्तर – गिलास