1.
Paheliyan
नाम बताकर जी भर करो चुसाई - पहेली
एक अनोखी लकड़ी देखी, जिसमें छिपी मिठाई, बच्चों जल्दी नाम बताकर जी भर करो चुसाई।
उत्तर –गन्ना ।
एक अनोखी लकड़ी देखी, जिसमें छिपी मिठाई, बच्चों जल्दी नाम बताकर जी भर करो चुसाई।
उत्तर –गन्ना ।
वह क्या है, जो हमेशा आपके सामने होता है, लेकिन देखा नहीं जा सकता?
उत्तर: भविष्य
कल्पना कीजिये आप एक अंधरे कमरे है और आपको इस अंधरे कमरे से निकलना है तो कैसे निकलेंगे।
उत्तर –आप कल्पना करना बंद कर देंगे।
मध्य हटाकर कल आऊं, प्रथम काट दो मल मल, अन्त हटाकर कम होऊं, घर है मेरा जल थल।
उत्तर – कमल।
मध्य कटे, तो अड़ी पड़ी, प्रथम काट दो तो नाड़ी, अन्त कटे, तो ‘अना’ हुआ, न जानूं मैं होशियारी।
उत्तर –अनाड़ी।
घेरदार है लहंगा उसका, एक टांग से रहे खड़ी, सबको उसी की इच्छा होती, हो बरखा या धूप कड़ी ।
उत्तर –छतरी।
अगर एक आदमी 10 रुपये में गंजा होता है, तो बताइये 10 गंजे कितने रुपये में गंजे होंगे?
उत्तर –0 रुपये, क्योंकि वो पहले से ही गंजे है।
बत्तीस ईंटों के दुर्ग के भीतर, छिपी एक महारानी, हंसकर बोले, दिलों को जीते, ऐंठे तो याद आए नानी।
उत्तर –जीभ।
दो अक्षर का मेरा नाम, हर चीज जलाना मेरा काम, सबको मैं डराती भगाती, पानी से डर जाती।
उत्तर –आग।
झुकी कमर का बूढ़ा जहां ठहर जाए, वहीं पर भाषा रुके, सवाल उभर जाए।
उत्तर –प्रशनवाचक चिह्न
बिन बुलाये रात को आते हैं, बिन चुराए सुबह खो जाते हैं, क्या है वो ?
उत्तर – तारे।
कभी माँ है, कभी है बहना, पत्नी रूप में क्या कहना, दुनिया में जो हमको लाती, बूझो भला क्या जानी जाती ?
उत्तर –नारी / औरत / स्त्री / महिला।