31.
Paheliyan
पत्ते शिव पूजन में आये काम - पहेली
पत्ते शिव पूजन में आये काम, केवल दो अक्षर में आये नाम, नाम अर्थ से बना लता, बने सर्वथ फल से दिया बता।
उत्तर –बेल।
पत्ते शिव पूजन में आये काम, केवल दो अक्षर में आये नाम, नाम अर्थ से बना लता, बने सर्वथ फल से दिया बता।
उत्तर –बेल।
वह क्या चीज़ है, जो जब आप इसे खिलाते हैं, तो बढ़ती है, लेकिन जब आप इसे पानी देते हैं, तो मर जाती है?
उत्तर: आग
वह क्या चीज़ है, जो जब आप इसे खिलाते हैं, तो बढ़ती है, लेकिन जब आप इसे पानी देते हैं, तो मर जाती है?
उत्तर: आग
देश भी हूं, औजार भी हूं, खींचो अगर तो हूं पानी, ढाई अक्षर का नाम है वो, पूछ रही मेरी नानी।
उत्तर –बर्मा।
गर्मी में लगती है अच्छी, सर्दी में नहीं भाती, दो अक्षर की हाथ न आती, तन से हूं टकराती ।
उत्तर –हवा।
एक परी है पतली दुबली, काला मुकुट पहनती, मुकुट गंवाकर करे उजाला, खुद अंधकार में रहती।
उत्तर –माचिस की तीली।
चार अक्षर का पेड़ कहलाता, फल गरीबों का सेब कहलाता, साल में दो बार फल लगता। तोता काटने को भगता।
उत्तर –अमरूद।
उलटा करो नदी की धारा, सीधा रखो तो देवी, पीताम्बर के साथ रहूं मैं, नाम बताओ बेबी।
उत्तर –राधा।
खट्टी खट्टी हो अदा मेरी, चटनी बनती सदा मेरी, तीन अक्षर में नाम आये, बीज दवा के काम आये।
उत्तर –इमली।
उसके आगे शीश झुकाएं राजा, रंक, फकीर, कैंची, चाकू खूब चलाए सिर में देता चीर ?
उत्तर –नाई।
उज्जल अत्तीत मोती बरनी ,पायी कबन्त दिए मोय धरनी, जहाँ धरी वहाँ नहीं पायी, हाट बाजार सभय ढूँढ आयी, ए सखी अब कीजै का ? पीय मांगे तो दीजै क्या ?
उत्तर – ओले
वाणी में गुण बहुत हैं, पर मुझसे अच्छा कौन, सारे झगड़ों को टालू-बतलाओ मैं कौन?
उत्तर –मौन।
हम बीस हैं, हर बार तुम हमारे सर काटते हो, हम फिर उग आते, तो बताओ हमारा नाम?
उत्तर –नाख़ून।