31.
Paheliyan
जिसने मुझे काटा मारा - फिर वो रोया खूब बेचारा - पहेली
जिसने भी मुझे काटा मारा – फिर वो रोया खूब बेचारा बताओ कौन हुन मैं?
उत्तर: प्याज
जिसने भी मुझे काटा मारा – फिर वो रोया खूब बेचारा बताओ कौन हुन मैं?
उत्तर: प्याज
आने-जाने पर दु:ख देते हैं, बाक़ी समय आराम.साफ़-सफाई इनकी रखना सदा सुबह और शाम.
उत्तर : दाँत
मैं काली मेरे बच्चे गोरे मुझे छोड़ मेरे बच्चों को खा ले तो बताओ मेरा नाम ?
उत्तर- सिंघाड़ा
कौनसी है वह चीज जो एक बार फट जाए, तो उसे कभी भी सिला नही जा सकता है ?
उत्तर - गुब्बारे
जिसने भी मुझे काटा मारा – फिर वो रोया खूब बेचारा बताओ कौन हुन मैं?
उत्तर: प्याज
चलने को तो चलता हूं, गर्मी में सुख पहुंचाता हूं, पैर भी है मेरे तीन, मगर आगे नहीं बढ़ पाता हूं?
उत्तर - पंखा
ऐसी कौन सी चीज है , जो पानी में भी गीली नहीं होती है ?
उत्तर - परछाई
आने-जाने पर दु:ख देते हैं, बाक़ी समय आराम.साफ़-सफाई इनकी रखना सदा सुबह और शाम.
उत्तर : दाँत
मुँह में तुम्हारे पानी लाऊँ, सिर मेरा काट के नमक छिड़काओ.
उत्तर : खीरा
आदि कटे तो बनता हूं जल, मध्य कटे तो बनता हूं काल, अंत कटे तो करता हूं काज, बुझो बुझो मेरा क्या है नाम ?
उत्तर - काजल
ना भोजन खाता न वेतन लेता, फिर भी पहरा डट कर देता, तो बताओ मेरा नाम ?
उत्तर - ताला