31.
Paheliyan
मेरा सिर है, पर आँख नहीं, पेट है, पर खाना नहीं। पैर हैं, पर चल नहीं सकता। मैं क्या हूँ?
उत्तर: मूर्ति (Statue)
‘जा’ जोड़े तो ‘जापान’, अमीरों के लिए है यह शान, बनारसी है इसकी पहचान, दावतो में बढ़ती इसकी मान।
उत्तर – पान।
जल से भरा एक मटका, जो है सबसे ऊँचा लटका। पी लो पानी है मीठा, ज़रा नहीं है खट्टा।
उत्तर – नारियल।
ऐसी क्या चीज है जो सबके पास होती है, किंतु किसी के पास कम तो किसी के पास ज्यादा, जिसके पास ज्यादा होता है उसे बुद्धिमान कहते हैं।
उत्तर – टैलेंट , कला।
ऐसी क्या चीज है जो आंखों के सामने आने से आंखें बंद हो जाती है।
उत्तर – रौशनी।
दो अक्षर का नाम है, रहता हरदम जुखाम है, कागज मेरा रुमाल है, बताओ मेरा क्या नाम है।
उत्तर – पेन।
मेरा सिर है, पर आँख नहीं, पेट है, पर खाना नहीं। पैर हैं, पर चल नहीं सकता। मैं क्या हूँ?
उत्तर: मूर्ति (Statue)
धूप देख मैं आ जाऊँ, छाँव देख शर्मा जाऊँ । जब हवा करे मुझे स्पर्श. मैं उसमे समा जाऊँ; बताओ क्या?
उत्तर – पसीना।
रंग है उसका पीला, तपाया है तो ढीला | पीटा है तो फैला, कीमती है तो छैला |
उत्तर – सोना।
सर है, दुम है, मगर पाँव नहीं उसके । पेट है, आँख है, मगर कान नहीं उसके ॥
उत्तर – साँप।
ऊँट की बैठक, हिरन सी तेज चाल, वो कौन सा जानवर जिसके पूँछ न बाल।
उत्तर – मेंढक।