46.
Paheliyan
वह कौन है जिनका कान मोड़ने पर पानी देता है लेकिन दाम कुछ नहीं लेता है?
उत्तर - नल
सुख-दुख की जीवनसाथी, पग पग पर साथ निभाती, क्षण भर भी मैं जुदा ना होती, हर आकार में बदल जाती .
उत्तर- छाया
गर्मी में है छाया देती,सावन में हरदम रोती,जाड़े में वह हरदम सोती,एक है पैर और लंबी धोती ।
उत्तर - छतरी
”सुंदर-सुंदर सपने दिखाती, पास सभी के रात में आती, थके मांदे को दे आराम, जल्द बताओ उसका नाम”।
उत्तर - नींद
कौनसी है वह जो ना दिखाई देता है और ना ही उसे हम महसूस कर सकते हैं बस उसे हम ले सकते हैं ?
उत्तर - साँस
जितनी ज्यादा सेवा करता,उतना घटता जाता हूँ,सभी रंग का नीला-पीला,पानी के संग भाता हूँ ! बताओ क्या ?
उत्तर – साबुन
”पानी से निकला पेड़ एक,पात नहीं पर डाल अनेक,इस पेड़ की ठंडी छाया,कोई उसके नीचे बैठ ना पाया ” ।
उत्तर - फुआरा
वह क्या है , जो पूरा कमरा भर देता है मगर जगह बिल्कुल भी नहीं लेता ?
उत्तर - प्रकाश
पानी जब ऊपर से बरसे तो मैं खुल जाता हूँ, बच्चे बूढ़े सभी के बहुत काम आता हूँ.
उत्तर : छाता
मुँह में तुम्हारे पानी लाऊँ, सिर मेरा काट के नमक छिड़काओ.
उत्तर : खीरा
पानी जब ऊपर से बरसे तो मैं खुल जाता हूँ, बच्चे बूढ़े सभी के बहुत काम आता हूँ.
उत्तर : छाता
जिसने भी मुझे काटा मारा – फिर वो रोया खूब बेचारा बताओ कौन हुन मैं?
उत्तर: प्याज