1.
Paheliyan
पानी ही मेरा बाप - नई पहेली
पानी ही मेरा बाप, पानी ही मेरा बेटा, मुंह ऊपर करके देखो, मैं सबके ऊपर लेटा।
उत्तर – बादल
पानी ही मेरा बाप, पानी ही मेरा बेटा, मुंह ऊपर करके देखो, मैं सबके ऊपर लेटा।
उत्तर – बादल
आटे जैसी पिलपीली, लगे ज्यों शहद की डली, रंग है उसका भूरा भूरा, नाम बताओ पूरा पूरा।
उत्तर –किशमिश
गोल, सफेद जैसा अंडा, खाने में मीठा ठंडा, फटे दूध का बड़ा कमाल, नाम बताओ प्यारे लल्ला।
उत्तर –रसगुल्ला
सिर संग भी है नाता, मेरा बिस्तर से भी नाता, बोझ उठा कर आपका मैं, मीठी नींद सुनाता।
उत्तर – तकिया
बनी रंगीली शर्म की बात, बेमौसम आई बरसात, यही अचंभा मुझको आये, खुशी के दिन रोती जाये।
उत्तर – दुल्हन
बचपन जवानी हरी भरी बुढ़ापा हुआ लाल हरी थी तब फूटी थी जवानी लेकिन बुढ़ापे में मचाया धमाल
उत्तर –मिर्ची
ऐसी कौन सी चीज है, जो खुद नहीं देख सकती, लेकिन दूसरे को रास्ता दिखाती है।
उत्तर –लाठी
टिफ़िन जैसा उसका आकार, और रंग होता लाल, दो अक्षर का उसका नाम, उससे खड़ी होती दीवार।
उत्तर – ईंट
ऐसी कौन सी चीज है, जिसके पास गला है, मगर सिर नहीं है, बाजू है मगर हाथ नहीं है?
उत्तर – शर्ट
पानी से मैं पैदा होता उजला मेरा रंग, स्वाद बढ़ाता घुलमिल करके, मैं भोजन के संग।
उत्तर – नमक
देह काठ मुंह आठ, सूरत जानी पहचानी, मुंह में जीभ नहीं है, फिर भी बोले मीठी वाणी।
उत्तर – बांसुरी
आते जाते दुख है देते, बीच में देते आराम, देखभाल रखना इन पर सदा सुबह और शाम।
उत्तर – दांत
चांद सा मुखड़ा तन सा जख्मी, बिन पैरों वह चलता है, राज दुलारा सब का प्यारा, मेहनत से वह मिलता है।
उत्तर –पैसा
वह कौन है जो पूरा कमरा भर देता है मगर जगह बिल्कुल भी नहीं घेरता है?
उत्तर – प्रकाश
मीठे फूल के नाम वाला, फिर भी होता है फल वाला, तीन अक्षर का नाम बतलावे, सब किसी में प्रसिद्धि पाये।
उत्तर –महुआ