61.
Paheliyan
गहरे सागर जाना है-नई पहेली
गहरे सागर जाना है, तब ही इसको पाना है, बहुत अधिक है इसका मोल, खोल पहेली जल्दी खोल।
उत्तर –मोती
गहरे सागर जाना है, तब ही इसको पाना है, बहुत अधिक है इसका मोल, खोल पहेली जल्दी खोल।
उत्तर –मोती
एक सींग का है चौपाया, मोटी उसकी खाल, और खाल से किसी जमाने में, बनती थी ढाल।
उत्तर – गेंडा
सामान की पैकिंग में होती है आसानी,न गलती है,न सड़ती है,है पर्यावरण की परेशानी।
उत्तर – पॉलीथिन
गोल गोल आंखों वाला, लंबे लंबे कानो वाला, गाजर खूब खाने वाला, इसका नाम बताओ लाला।
उत्तर –खरगोश
बिन लकड़ी का पेड़ हूं मैं, फल मुझ पर भी लगते। बड़े बड़े पेड हैं मेरे, पर गिनती के हाथ।
उत्तर –केला
लंबाई है मेरी शान, मीठे रस की मैं हूं खान, दांतों की कसरत करवाता, मेरा नाम बताइये जरा।
उत्तर – गन्ना
खामोशी के अलावा वो कौन है, जिसे हम बिना हाथ लगाए तोड़ सकते हैं?
उत्तर – वादा
राजा के राज्य में नहीं, माली के बाग में नहीं, फोड़ो तो गुठली भी नहीं, खाओ तो स्वाद नहीं।
उत्तर – ओला
मध्य कटे तो दानी बनती, तीन अक्षर का मेरा नाम, बादल के संग घूमा करती, बतलाओ जी मेरा नाम।
उत्तर - दामिनी
सिर काट दो दिल दिखाता हूं, पैर काट दो आदर बना हूं, पेट काट दो कुछ ना बताता, प्रेम से अपना शीश नवाता।
उत्तर – नमन
टोपी हरी और काला बाना, सिर पर बैठे शहर को जाना, गली गली में शोर मचाना, अच्छा लगता इसको खाना।
उत्तर – बैंगन
एक जगह पर खड़ा हुआ हूं, पर हित पथ पर अड़ा हुआ हूं, मेरी पूजा करते मानव, मुझे काटते अनपढ़ दानव।
उत्तर – वृक्ष
जिसको पाए उसको काटे, है ऐसा हत्यारा, उसको जेल न फांसी होती, लगता सबको प्यारा।
उत्तर –चाकू