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Paheliyan
ऐसे वाहन का नाम बताइए, जिसका नाम आगे पीछे करने पर भी अर्थ में कोई भिन्नता नहीं होती?
उत्तर – जहाज।
कहलाता तो हूँ मैं चूल्हा, पर अजब है मेरा रूप, तेल, गैस न लकड़ी माँगू, मुझे तो चाहिए धूप ?
उत्तर – सौर-चूल्हा
लोहा खींचू ऐसी ताकत है, पर रबड़ मुझे हराता है, खोई सूई मैं पा लेता हूँ, मेरा खेल निराला है ।
उत्तर – चुंबक।
स्वर्ण जैसा है नाम मेरा, छांव, दाव से पडे काम तेरा, चार अक्षर मेरे नाम में आते, दूजे में कृष्ण भी कहलाते।
उत्तर – सोनापाठा।
फल नहीं पर फल कहाउ, नमक मिर्ची के संग सुहाउ, खाने वाले की सेहत बढ़ाउ, सीता मैया की याद दिलाउ।
उत्तर – सीताफल।
ऐसी कौन सी चीज है जिसे व्यक्ति अपनी मां-बहन और अन्य औरतों की टूटते हुए देख सकता है, किंतु अपनी पत्नी की नहीं।
उत्तर – चूड़ियां।
मैं एक बीज हूँ, तीन अक्षर है मेरे | दो दल वाला अन्न हूँ, दाल बनाकर खाते हो |
उत्तर – मटर।
ऐसी क्या चीज है जो आदमी के लिए नुकसानदेह है, किंतु लोग फिर भी उसे पी जाते हैं?
उत्तर – गुस्सा।
एक इलेक्ट्रिक विद्युत चालित रेल इंजन पूर्व की दिशा से पश्चिम की ओर 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही है, हवा की गति 15 किलोमीटर प्रति घंटे की है, रेल इंजन का धुंआ किस दिशा में जाएगा ?
उत्तर – किसी दिशा में नहीं (क्योंकि ऊपर रेल का इंजन इलेक्ट्रिक विद्युत चालित है और धुंवा ईंधन से चलते इंजन से निकलता है, इलेक्ट्रिक विद्युत चालित इंजन से नहीं।)
पानी से निकला पेड़ एक, पात नहीं पर डाल अनेक । इस पेड़ की ठंडी छाया, बैठ के नीचे उसको पाया, बताओ क्या?
उत्तर – फ़व्वार्रा।
एक चीज़ जो सूखी रहे तो डूब जाती है, और गीली हो तो तैरती है। वो क्या है?
उत्तर: नाव (Boat)
बिना चूल्हे के खीर बनी, ना मीठी ना नमकीन, थोड़ा-थोड़ा खा गए बड़े बड़े शौकीन।
उत्तर – चुना।