76.
Paheliyan
बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी-पहेली
हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी, राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।
उत्तर – भुट्टा।
हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी, राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।
उत्तर – भुट्टा।
ऐसी कौन सी चीज है, जिसे आप खरीदते हो तो रंग काला, उपयोग करते हो तो लाल और फेंकते हो तो सफेद होता है ॥
उत्तर – कोयला।
एक फूल यहाँ खिला, एक खिला कोलकाता, अजब अजूबा हमने देखा, पत्ते के ऊपर पत्ता।
उत्तर – पत्ता-गोभी।
एक थाल मोतियों से भरा, सबके सिर पर उल्टा धरा । चारों ओर फिरे वो थाल; मोती उससे एक ना गिरे, बताओ क्या ॥
उत्तर – आसमान।
दो सुंदर लड़के, दोनों एक रंग के, एक बिछड़ जाये तो दूसरा काम न आये ॥
उत्तर – जूते।
ऐसी क्या चीज है, जिसके पास चेहरा है दो हाथ है मगर टांगे नहीं है?
उत्तर – घडी।
बिन जिसके हो चक्का जाम। पानी जैसी चीज है वह, झट से बताओ उसका नाम।
उत्तर – पेट्रोल।
सींग हैं पर बकरी नहीं, काठी है पर घोड़ी नहीं । ब्रेक हैं पर कार नहीं, घंटी है पर किवाड़ नहीं ।
उत्तर – साईकिल।
काली हूं पर कोयल नहीं, लंबी हूं पर डंडी नहीं, डोर नहीं पर बांधी जाती, मैया मेरा नाम बताती।
उत्तर – चोटी।
ऐसी कौन सी चीज है, जिसे जितना खींचो उतनी ही कम होती जाती है ?
उत्तर – सिगरेट या बीड़ी।
मध्य कटे तो बनता कम, अंत कटे तो कल । लेखन में मैं आती काम, सोचो तो क्या मेरा नाम ॥
उत्तर – कलम।
ना किसी से प्रेम ना किसी से बैर, फिर भी लोग लेते मेरी रोज खैर, सबके गानों की रौनक है बढ़ती, फिर भी मुझ पर थप्पड़ पड़ती।
उत्तर – ढोलक।
मेरा सिर है, पर आँख नहीं, पेट है, पर खाना नहीं। पैर हैं, पर चल नहीं सकता। मैं क्या हूँ?
उत्तर: मूर्ति (Statue)
अपनों के ही घर ये जाये, तीन अक्षर का नाम बताये। शुरू के दो अति हो जाये, अंतिम दो से तिथि बताये।
उत्तर: अतिथि