106.
Paheliyan
अंत कटे तो बंद हो जाऊं-पहेली
प्रथम कटे तो दर हो जाऊं, अंत कटे तो बंद हो जाऊं, केला मिले तो खाता जाऊं, बताओ मैं हूँ कौन ॥
उत्तर – बंदर।
प्रथम कटे तो दर हो जाऊं, अंत कटे तो बंद हो जाऊं, केला मिले तो खाता जाऊं, बताओ मैं हूँ कौन ॥
उत्तर – बंदर।
एक कमरे में चार भाई रहते हैं, चारों की दिशा अलग होती है। कोई किसी से टकराता नहीं, फिर भी सब एक ही जगह रहते हैं। बताओ वे कौन हैं?
कमरे के चार कोने
एक चीज़ जो सूखी रहे तो डूब जाती है, और गीली हो तो तैरती है। वो क्या है?
उत्तर: नाव (Boat)
दो अंगुल की है सड़क, उस पर रेल चले बेधड़क, लोगों के हैं काम आती, समय पड़े तो खाक बनाती।
उत्तर – माचिस।
एक जलते हुए घर के पास दो आदमी आग बुझा रहे थे, वहां से गुजरने वाले एक व्यक्ति ने उन दोनों को, पीछे घसीट दिया लेकिन फिर भी उसे जेल हो गई, कारण बताओ।
उत्तर – क्योंकि वह दोनों आग बुझाने वाले कर्मचारी थे तीसरा व्यक्ति जो सड़क से जा रहा था उसने दोनों को पीछे खींचा और आग बुझाने में बाधा पँहुचाई।
एक घर में रोज़ एक मेहमान आता है। वह दरवाज़े से नहीं आता, कोई उसे अंदर बुलाता भी नहीं, और शाम होते ही बिना बताए चला जाता है। बताओ वह कौन है?
धूप।
एक चीज़ जो सूखी रहे तो डूब जाती है, और गीली हो तो तैरती है। वो क्या है?
उत्तर: नाव (Boat)