76.
Paheliyan
तीन पंख का ऐसा पक्षी- पहेली
तीन पंख का ऐसा पक्षी, सबके घर में रहता, वर्षा और सर्दी में सोता, बस गर्मी में उड़ता।
उत्तर - पंखा
तीन पंख का ऐसा पक्षी, सबके घर में रहता, वर्षा और सर्दी में सोता, बस गर्मी में उड़ता।
उत्तर - पंखा
ऐसी कौन सी चीज है, जिसे आप खरीदते हो तो रंग काला, उपयोग करते हो तो लाल और फेंकते हो तो सफेद होता है?
उत्तर - कोयला
कभी बड़ा हो कभी हो छोटा, माह में एक दिन मारे गोता , बताओ कौन?
उत्तर - चांद
पत्थर पर पत्थर, पत्थर पर पैसा | बिना पानी के घर बनाए, वह कारीगर कैसा?
उत्तर – मकड़ी
पानी से निकला पेड़ एक, पात नहीं पर डाल अनेक, इस पेड़ की ठंडी छाया, बैठ के नीचे उसको पाया बताओ कौन
उत्तर - फव्वारा
कल बनू धड़ के बिन, मल बनू सिर हीन, पैर कटे तो थोड़ा रहूं, अक्षर है कुल तीन।
उत्तर - कमल
मीठा हूं सब करे पसंद, मोटी दीवारों में बंद, मेरा पेड़ बहुत है फलता, लेकिन कभी नहीं है जलता।
उत्तर-केला
कान बड़े हैं काया छोटी, कोमल कोमल बाल, चौकस इतना पकड़ सके ना, बड़ी तेज है चाल।
उत्तर - खरगोश
हरे रंग के दरबार में, इक बैठा है राजा, कांटो में पला है, मगर निराली उसकी आभा।
उत्तर - गुलाब
अंत कटे तो जमा जोड हूं, मध्य कटे तो जना, आदि कटे तो सबने माना, कैसे हाय आ गया जमाना ?
उत्तर – ज़माना
मध्य हटा तो गधा हूं मैं, प्रथम हटा दो बर, तीन अक्षर का नाम है, पर डोलूं दुनिया भर।
उत्तर- खबर
जन्म दिया रात ने, सुबह ने किया जवान । दिन ढलते ही, निकल गई इसकी जान ॥
उत्तर-समाचार-पत्र
उग जाऊं मैं धरा पर, बिन डाले कोई बीज, पशु दूध दे मुझे खाए के, बोलो मैं कौन हूं?
उत्तर-घास